दीपावली का पहला दीया, और होली का पहला रंग भारत के रक्षकों के नाम होना चाहिए- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

दीपावली का पहला दीया, और होली का पहला रंग भारत के रक्षकों के नाम होना चाहिए- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
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भारतीय सेना के फौलादी इरादों के कारण ही देश सुरक्षित – रक्षामंत्री

जम्मू। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि विश्व के सबसे उंचे रणक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर में तैनात भारतीय सेना, देश की मजबूत इच्छाशक्ति व दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। विषम परिस्थितियों में देशसेवा करने का भारतीय सैनिकों का जज्बा अतुलनीय है। सियाचिन के आधार शिविर कुमार पोस्ट पर पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि फौलादी इरादे रखने वाले भारतीय सैनिक किसी देवता से कम नही हैं। वे उस देवीय वस्त्र की तरह हैं जिसने भक्त प्रहलाद को होलिका द्वारा आग में जलाने से बचाया था। रक्षामंत्री सियाचिन ग्लेशियर के आधार शिविर में वॉर मेमोरियल में सेना के बलिदानियों को श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद सैनिकों को संबोधित कर रहे थे। भारतीय सैनिकों को देश की मजबूत इच्छाशक्ति का भी प्रतीक करार देते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि हिमालय की तरह अडिग होकर सियाचिन ग्लेशियर में देशसेवा करने के लिए मैं आपका अभनंदन करता हूं।

उन्होंने कहा कि मैं होली का त्योहार आपके साथ मनाने के लिए गत माह सियाचिन आना चाहता था। खराब मौसम के कारण सियाचिन में न आ पाने के कारण मैंने होली का त्यौहार लेह में सैनिकों के साथ मनाया था। सैनिकों को होली के त्यौहार की शुभकामनाएं देते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि मुझे होली पर सियाचिन ग्लेशियर न आने की वेदना थी, इसीलिए मैं आज आया हूं। राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा मैं रक्षामंत्री के रूप में नहीं, एक स्वजन के रूप में आज आपके बीच आया हूं। रक्षामंत्री ने दोहराया कि दीपावली का पहला दीपक व होली का पहला रंग सैनिकों के साथ ही होना चाहिए। देश की परंपरा है कि हम अच्छी शुरूआत भगवान को भोग लगाने से करते हैं। इसके बाद संत महात्मा, श्रेष्ठजनों को भोजन अर्पित करने के बाद खुद खाते हैं।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में ऐसी व्यवस्था बनाने की जरूरत हैं। यहां पर सबसे पहले त्योहार सियाचिन ग्लेशियर, गलवन, कारगिल, रेगिस्तान व समुंदर में पनडुब्बी में तैनात वीरों के बीच मनाए जाएं। भारतीय सेना के जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि आपके फौलादी इरादों के कारण ही देश सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि पांच साल पहले रक्षामंत्री की जिम्मेदारी संभालने के अगले दिन मैं सियाचिन ग्लेशियर आया था। होली पर भी कुमार पोस्ट आना चाहता था। मौसम खराब होने के कारण मैं नही आ पाया। अब मैं सियाचिन में देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। रक्षामंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं से चिंताजनक खबरें भी आती हैं, लेकिन हमारा देश एक खुशहाल जिंदगी जी रहा है। सब मस्त हैं क्योंकि सीमा पर आप जैसे जवान मुस्तैद हैं। आप की बहादुरी अकल्पनीय है।

देशवासियों की सुरक्षा के लिए सियाचिन की अत्याधिक ठंड में सैनिकों की वीरता को देश हमेशा याद रखेगा। सियाचिन ठीक उसी तरह से देश की वीरता, शौर्य की राजधानी है। जिस तरह से दिल्ली देश की। मुंबई देश की आर्थिक व बेंगलुरु देश की तकनीकी राजधानी है। बर्फीली ठंडे क्षेत्र में उबाल लाने वाली भारतीय सैनिकों की वीरता को कभी भुलाया नही जा सकता है। सियाचिन ग्लेशियर के दौरे पर पहुंचे रक्षामंत्री के साथ थलसेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, सेना की उत्तरी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सुचेन्द्र कुमार, व सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल रशिम बाली भी मौजूद थे। सियाचिन ग्लेशियर में तैनात सैनिकों का मुंठ मीठा करवाने के साथ रक्षामंत्री ने सेना के शीर्ष अधिकारियों से लद्दाख के मौजूदा सुरक्षा हालात भी जानें।

Anita Amoli

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