आजमगढ़ (बरदह) – शादी के बहाने ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को नुकसान पहुँचाने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह को बरदह थाना पुलिस ने इस हफ्ते उजागर कर सात आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने बताया कि इस समूह के सदस्य दुल्हन, दुल्हन के पिता, भाई तथा रिश्तेदार जैसे विभिन्न किरदार अपनाकर नकली विवाह का मंच तैयार करते थे। विवाह के बाद वे जल्दी‑जल्दी पैसे‑आभूषण लेकर फरार हो जाते थे।
कैसे चलती थी यह धोखाधड़ी
- शादी‑सजाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को लक्ष्य बनाकर, समूह की महिला सदस्य को दुल्हन का रूप देकर उसका फोटो दिखाया जाता था।
- शादी तय हो जाने पर अन्य सदस्य दुल्हन के पिता, भाई या रिश्तेदार का दिखावा करके समारोह में शामिल होते थे।li>
- विवाह के दौरान दुल्हन को नकद, सोने‑चाँदी के गहने और अन्य सामान सौंपे जाते थे, जिसके बाद गिरोह के लोग उन्हें लेकर विवाद या फर्जी मुकदमे का खतरा देकर भाग जाते।
पुलिस को कब मिला मामला
हफ्ते के अंत में हरदोई के बिलग्राम थाना क्षेत्र के निवासी रामबिलाश ने 9 सितंबर को बरदह थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके बेटे राजकुमार को व्हाट्सएप पर एक लड़की की तस्वीर भेजी गई और बंधवा महादेव मंदिर में झूठी शादी करवाई गई। समारोह के दौरान लड़की को नाक की कील और 80 हज़ार रुपये दिए गए।
“शादी के बाद हमें दो मोटरसाइकिलें और सारा सामान मिला, पर हम तुरंत ही बंधवी मोड़ के पास से निकल गए,” राजकुमार ने पुलिस को बताया।
शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पता चला कि गिरोह के सदस्य कोदहरा चौराहे में मौजूद थे। घेराबंदी के बाद पाँच पुरुषों और दो महिलाओं को हिरासत में ले लिया गया।
गिरोह के प्रमुख सदस्य और उनका रोल
जांच में सामने आया कि बजरंगी बिंद और बहादुर (उर्फ राजू) दुल्हन के भाई की भूमिका निभाते थे, जबकि राजन विश्वकर्मा पिता और रामबिलास व जय किशन (उर्फ अजीत) रिश्तेदार का दिखावा कर समारोह में भाग लेते थे।
बजरंगी बिंद के खिलाफ जौनपुर, देवरिया और आज़मगढ़ में ठगी, धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट के तहत पाँच मुकदमे दर्ज हैं। जय किशन उर्फ अजीत के खिलाफ जौनपुर और आज़मगढ़ में चार मुकदमे चल रहे हैं।
पुलिस ने अब तक बरामद किए गए 19,650 रुपये, सोने‑चाँदी के आभूषण, कपड़े, मोबाइल फोन तथा दो मोटरसाइकिलों को सुरक्षित कर लिया है और आगे की जांच जारी है।


