देहरादून – पटेलनगर के एक चेक‑पॉइंट पर पुलिस और दो बदमाशों के बीच तीव्र मुठभेड़ हुई। जवाबी फायरिंग में 25 वर्षीया अंकित चौहान के पैर में गोली लगी, जबकि उसका सहयोगी अंकुर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। घायल अंकित को तुरंत अस्पताल ले जाकर इलाज किया गया।
घटना की क्रमवार विवरण
8 सितंबर को बड़ोवाला इलाके में बँक कर्मचारी सत्यम कुमार पर घातक हमले की रिपोर्ट आई। इस हत्या के पीछे ₹5 लाख की सुपारी का सौदा था, जिसके चलते पुलिस ने पटेलनगर थाने में कई जांच टीमें स्थापित कीं।
जांच के दौरान यह पता चला कि आरोपी दोनों ने दोबारा देहरादून लौट कर अपना कदम आगे बढ़ाया था। शुक्रवार को गोरखपुर चौक पर एक चेक‑पॉइंट पर पुलिस ने अनन्य नंबर वाली मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्धों को रोकने का आदेश दिया। दोनों ने तुरंत बाइक छोड़ दी, जंगल की ओर भागे और जंगल के भीतर पुलिस टीम पर फायरिंग की।
जवाबी कार्रवाई
पुलिस की जवाबी फायरिंग में अंकित चौहान के पैर में गोली लगी, जबकि अंकुर मौके से फरार हो गया। घटना स्थल से 315 बोर का देसी तमंचा, एक जिंदा और दो खोखा कारतूस एवं बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद हुई।
सुपारी का सौदा और हत्या की साज़िश
जांच के दौरान घायल अंकित ने बताया कि उसे और उसके साथी अंकुर को सत्यम कुमार की हत्या के बदले ₹5 लाख का भुगतान करने का समझौता किया गया था। पुलिस के अनुसार, अग्रिम रूप से उन्हें ₹1.20 लाख दिया गया था।
सत्यम कुमार के पास एक महिला परिचित थी, जिसने अपने परिचित मोहित के माध्यम से अंकित से संपर्क किया और सत्यम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। महिला ने अंकित को सत्यम की फोटो और देहरादून स्थित बैंक शाखा की जानकारी भी प्रदान की।
8 सितंबर को अंकित और अंकुर ने सत्यम का पीछा किया, बड़ोवाला इलाके में फायरिंग की और सत्यम को घायल कर दिया। घटना के बाद दोनों ने दिल्ली और हरियाणा की ओर भागने की कोशिश की।
वर्तमान स्थिति
पुलिस का कहना है कि बचे हुए पैसे की वसूली के लिए दोनों आरोपी दोबारा देहरादून आए थे। अब पुलिस जंगल के विभिन्न हिस्सों में लगातार कॉम्बिंग और सर्च अभियान चला रही है ताकि फरार अंकुर को पकड़ा जा सके।
जांच से पता चला कि अंकित के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं और वह जेल भी गया था।


