सुलतानपुर पुलिस का बड़ा खुलासा, मोबाइल टावरों से चोरी करने वाले अंतरजनपदीय गैंग के 5 सदस्य गिरफ्तार

सुलतानपुर पुलिस का बड़ा खुलासा, मोबाइल टावरों से चोरी करने वाले अंतरजनपदीय गैंग के 5 सदस्य गिरफ्तार
Spread the love

सुलतानपुर: सुलतानपुर पुलिस को मोबाइल टावरों से बेशकीमती उपकरण उड़ाने वाले एक बड़े अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने मेरठ, गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर के रहने वाले पांच शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। इस गैंग के पास से पुलिस ने 2 लाख रुपये नकद, अवैध तमंचा-कारतूस और चोरी की वारदातों में इस्तेमाल की जाने वाली एक कार बरामद की है। पुलिस कप्तान ने इस शानदार कामयाबी के लिए पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है।

कार का नंबर बदल-बदल कर देते थे वारदात को अंजाम

सुलतानपुर की पुलिस अधीक्षक (SP) चारु निगम ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जिले में बीते अप्रैल और मई महीने के दौरान कई मोबाइल टावरों से कीमती डिवाइस और पैनल चोरी होने के मुकदमे दर्ज कराए गए थे। वारदातों को रोकने और खुलासे के लिए पुलिस की टीमें लगातार एक्टिव थीं। इसी कड़ी में अखंडनगर के कुंदा भैरोपुर सर्विस लेन के पास पुलिस ने एक संदिग्ध कार को घेराबंदी कर रोका। कार सवार युवकों से जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो मोबाइल टावर चोरी के इस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हो गया।

दिल्ली भेजा जाता था चोरी का माल

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सरफराज मलिक (लोनी, गाजियाबाद), अंकित कुमार (ककरौली, मुजफ्फरनगर), सुहेल मलिक, आमिर मलिक और मोहम्मद अयूब (तीनों निवासी हस्तिनापुर, मेरठ) के रूप में हुई है। पूछताछ में चोरों ने कुबूल किया कि वे लखनऊ को अपना बेस बनाकर रहते थे। सुबह के वक्त वे अपनी कार का नंबर बदल-बदल कर अलग-अलग जिलों के टावरों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही डिवाइस और पैनल चोरी कर उन्हें कार्टून में पैक करके दिल्ली भेज दिया करते थे। दिल्ली में बैठे उनके साथी सरफराज और अनस माल को ठिकाने लगाकर प्रति डिवाइस 20 से 40 हजार रुपये तक गैंग को देते थे।

दर्जनों आपराधिक मामलों में थे वांछित

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए सभी आरोपी बेहद शातिर हैं और उनके खिलाफ कई जिलों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। सरफराज और अंकित पर अमेठी में एक-एक, जौनपुर में दो-दो तथा सुलतानपुर में चार-चार केस दर्ज हैं। वहीं सुहेल, आमिर और अयूब पर अमेठी में एक-एक, जौनपुर में दो-दो और सुलतानपुर में तीन-तीन केस दर्ज हैं। इस पूरे ऑपरेशन को एसओजी प्रभारी धीरेंद्र कुमार वर्मा, दारोगा कन्हैया कुमार पांडेय, अमित सिंह सहित पूरी टीम ने मुस्तैदी से अंजाम दिया।

Anita Amoli