नकली जीवनरक्षक दवाओं का कारोबार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार

नकली जीवनरक्षक दवाओं का कारोबार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार
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सोशल मीडिया के जरिए चल रहा था नकली दवाओं का कारोबार

देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने ऑनलाइन माध्यम से नकली जीवनरक्षक दवाओं का कारोबार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह देश की नामी दवा कंपनियों के नाम पर नकली दवाएं तैयार कर उन्हें सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए कई राज्यों में बेच रहा था। एसटीएफ की कार्रवाई में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ये दवाएं बाजार मूल्य से आधे दाम पर बेची जा रही थीं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा था।

“ऑपरेशन फेक पिल” के तहत यह कार्रवाई की गई। एसटीएफ की विशेष टीम पिछले दो महीनों से नकली दवाओं के नेटवर्क पर निगरानी रखे हुए थी। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया कि “एसके हेल्थ केयर” नामक फेसबुक पेज के माध्यम से Sun Pharma, Mankind, Zydus, Glenmark, Torrent और Macleods जैसी कंपनियों की नकली दवाएं ऑनलाइन बेची जा रही थीं।

एसटीएफ ने ग्राहक बनकर आरोपियों से दवाएं मंगाईं, जिसके बाद Gudcef Plus और Tydol-100 जैसी नकली दवाएं कोरियर के माध्यम से देहरादून पहुंचीं। जांच में पुष्टि होने पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में संगठित अपराध, धोखाधड़ी, जालसाजी, आईटी एक्ट, कॉपीराइट एक्ट और एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जतिन सैनी निवासी संभल उत्तर प्रदेश तथा गौरव त्यागी निवासी जीएमएस रोड देहरादून के रूप में हुई है। पूछताछ में गौरव त्यागी ने स्वीकार किया कि रुड़की में उसकी नकली दवा फैक्ट्री पहले भी पकड़ी जा चुकी है। वर्तमान में भगवानपुर क्षेत्र में ब्रांडेड कंपनियों के नाम से नकली दवाएं तैयार की जा रही थीं। कोटद्वार सिडकुल क्षेत्र की बंद पड़ी फैक्ट्री का भी जरूरत पड़ने पर उपयोग किया जाता था। एसटीएफ और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने रुड़की और कोटद्वार स्थित फैक्ट्रियों में कार्रवाई शुरू कर दी है।

कोटद्वार स्थित यूनिट को सीज करने की प्रक्रिया जारी है, जबकि फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए भेजा गया है। एसटीएफ के अनुसार, गौरव त्यागी के खिलाफ नकली दवाओं से जुड़े तीन अन्य मुकदमे हरिद्वार, देहरादून और महाराष्ट्र में पहले से दर्ज हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

एसटीएफ ने जनता से अपील की है कि बिना बिल दवाएं न खरीदें, दवा के बैच नंबर का मिलान अवश्य करें और अत्यधिक छूट के लालच में अज्ञात ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से दवा खरीदने से बचें। नकली दवा कारोबार की सूचना एसटीएफ के हेल्पलाइन नंबर 0135-2656202 और 9412029536 पर दी जा सकती है।

Anita Amoli