सोमवार, 14 सितंबर 2026
मुख्य पृष्ठ
Business 12:46 pm

वैश्विक तनाव के बीच भी बढ़ा भारत का चावल निर्यात, पहली छमाही में 5% की बढ़ोतरी

चावल के साथ मक्का और गेहूं के निर्यात में भी उछाल नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर

Anita Amoli (Writer)

29 जुलाई 2026

वैश्विक तनाव के बीच भी बढ़ा भारत का चावल निर्यात, पहली छमाही में 5% की बढ़ोतरी

चावल के साथ मक्का और गेहूं के निर्यात में भी उछाल

नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत के चावल निर्यात में मजबूती देखने को मिली है। साल 2026 की पहली छमाही में देश का कुल चावल निर्यात पिछले वर्ष की तुलना में करीब पांच फीसदी बढ़ा है। खासतौर पर गैर-बासमती चावल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग ने निर्यात को नई रफ्तार दी है, जबकि बासमती चावल के निर्यात में हल्की गिरावट दर्ज की गई।

साल 2026 के पहले छह महीनों में भारत ने कुल 12.27 मिलियन मीट्रिक टन चावल का निर्यात किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 11.68 मिलियन मीट्रिक टन की तुलना में लगभग पांच फीसदी अधिक है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक व्यापारिक चुनौतियों के बावजूद भारत ने चावल निर्यात में अपनी मजबूत स्थिति बरकरार रखी है।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश है और वैश्विक बाजार में उसकी हिस्सेदारी 40 फीसदी से अधिक मानी जाती है। भारतीय चावल की प्रतिस्पर्धी कीमतों और पर्याप्त उपलब्धता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग लगातार बनी हुई है।

बासमती चावल के निर्यात में आई गिरावट

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में बासमती चावल का निर्यात करीब 5.5 फीसदी घटकर 3.36 मिलियन मीट्रिक टन रह गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान सहित कुछ खाड़ी देशों में व्यापार प्रभावित होने से इसका असर बासमती निर्यात पर पड़ा।

हालांकि, गैर-बासमती चावल के निर्यात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसका निर्यात 9.6 फीसदी बढ़कर 8.9 मिलियन मीट्रिक टन पहुंच गया। अफ्रीकी देशों से बढ़ती मांग ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई।

भारत को क्यों मिला फायदा?

व्यापार विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में चावल का पर्याप्त भंडार होने के कारण इसकी कीमतें अन्य प्रमुख निर्यातक देशों जैसे थाईलैंड, वियतनाम और म्यांमार की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी बनी हुई हैं। यही वजह है कि कई देशों ने भारतीय चावल की खरीद बढ़ाई है।

भारत मुख्य रूप से बांग्लादेश, बेनिन, आइवरी कोस्ट, गिनी और कैमरून जैसे देशों को गैर-बासमती चावल निर्यात करता है, जबकि प्रीमियम बासमती चावल की प्रमुख मांग सऊदी अरब, इराक, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों से आती है।

मक्का और गेहूं के निर्यात में भी बढ़ोतरी

चावल के अलावा अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। पहले छह महीनों में मक्का का निर्यात 400 फीसदी बढ़कर 1.42 मिलियन मीट्रिक टन पहुंच गया। रिकॉर्ड उत्पादन और घरेलू बाजार में कम कीमतों के कारण वियतनाम, बांग्लादेश और मलेशिया जैसे देशों से इसकी मांग बढ़ी।

वहीं, गेहूं का निर्यात भी पिछले वर्ष के मुकाबले कई गुना बढ़कर 1,61,187 टन तक पहुंच गया। नेपाल द्वारा भारतीय गेहूं की खरीद शुरू किए जाने और निर्यात संबंधी प्रतिबंधों में राहत मिलने से इस क्षेत्र को भी मजबूती मिली।

वैश्विक बाजार में बनी रहेगी भारत की मजबूत पकड़

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में मौसम संबंधी चुनौतियां और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां जरूर असर डाल सकती हैं, लेकिन पर्याप्त उत्पादन और मजबूत निर्यात क्षमता के चलते भारत वैश्विक चावल बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखने में सक्षम रहेगा। गैर-बासमती चावल की लगातार बढ़ती मांग भारतीय कृषि निर्यात को और मजबूती दे सकती है।

आगे पढ़ें (Read Next)

crime

Son’s Stick Assault Ends in Father’s Fatality in Haridwar

A 60‑year‑old resident died while receiving medical care after his 27‑year‑old son allegedly struck him with a stick during a minor household argument in the Chandi Ghat locality.

admin 12 सितंबर 2026
Delhi

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली में SFJ समर्थकों के नारे लिखने के केस में तीन लोगों को हिरासत में

पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी विदेश में स्थित हैंडलर से जुड़ा था और आर्थिक मदद ले रहा था; फंडिंग की जाँच भी चल रही है

admin 12 सितंबर 2026