सोमवार, 14 सितंबर 2026
मुख्य पृष्ठ
National 08:34 am

पांच साल में 34 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, सीएम धामी ने गिनाईं उपलब्धियां

मुख्यमंत्री धामी ने “The Economic Times World Leaders Forum 2026” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग देहरादून/नई

Anita Amoli (Writer)

22 अगस्त 2026

पांच साल में 34 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, सीएम धामी ने गिनाईं उपलब्धियां

मुख्यमंत्री धामी ने “The Economic Times World Leaders Forum 2026” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में आयोजित ‘द इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026’ में उत्तराखंड की विकास यात्रा और सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि राज्य विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने सुशासन, समान नागरिक संहिता, रोजगार, निवेश, पर्यटन, सीमांत क्षेत्रों के विकास और आधुनिक तकनीक को राज्य की प्रगति का प्रमुख आधार बताया।

यूसीसी को बताया सुशासन का मॉडल

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर राज्य ने समान अधिकार और सुशासन की दिशा में नई पहल की है। उनके अनुसार, यूसीसी लागू होने के बाद समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है और महिलाओं, बच्चों तथा बुजुर्गों के अधिकारों को मजबूती मिली है। उन्होंने इसे देश के अन्य राज्यों के लिए भी समानता और न्याय की दिशा में प्रेरणादायक कदम बताया।

34 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद करीब दो दशकों में लगभग 16 हजार सरकारी नियुक्तियां हुई थीं, जबकि पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी गई है। नकल और पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए करीब 100 लोगों को जेल भेजा गया है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में भी किए जा रहे बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिक्षा व्यवस्था में सुधार किए जा रहे हैं। साथ ही सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है।

निवेश के लिए बनाई गईं 30 से अधिक नई नीतियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद उत्तराखंड की औद्योगिक पहचान में बदलाव आया है। निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए राज्य में 30 से अधिक नई नीतियां बनाई गई हैं। सरकार का लक्ष्य केवल एमओयू करना नहीं, बल्कि निवेश को वास्तविक परियोजनाओं में बदलना है। उन्होंने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था और निर्बाध बिजली जैसी सुविधाओं के साथ निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है।

रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी पर फोकस

मुख्यमंत्री ने राज्य में बुनियादी ढांचे के विस्तार की जानकारी देते हुए कहा कि सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को उत्तराखंड की कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 125 किलोमीटर लंबी यह परियोजना पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगी।

उन्होंने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय कम हुआ है। देहरादून से देश के प्रमुख शहरों के लिए 50 से अधिक हवाई सेवाएं उपलब्ध होने की बात भी उन्होंने कही। पंतनगर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को औद्योगिक और लॉजिस्टिक विकास के लिहाज से अहम बताया।

चारधाम और विंटर टूरिज्म से बढ़ रही आर्थिक गतिविधियां

मुख्यमंत्री ने पर्यटन को उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि चारधाम, कांवड़ और आदि कैलाश यात्राओं में लगातार बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। उन्होंने चारधाम यात्रा के पहले चरण में 47 लाख से अधिक श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रा में करीब 4.80 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि सरकार पर्यटन को केवल एक मौसम तक सीमित रखने के बजाय बारह महीने पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है। धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के साथ साहसिक और विंटर टूरिज्म पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हर्षिल-मुखवा जैसे क्षेत्रों को शीतकालीन पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, विंटर टूरिज्म से होमस्टे, होटल, ढाबे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि पहाड़ों के लोगों को रोजगार के लिए पलायन न करना पड़े और उन्हें अपने क्षेत्र में ही आजीविका के अवसर मिलें।

सीमांत गांवों को ‘प्रथम गांव’ के रूप में विकसित करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कैलाश समेत सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। सीमांत गांवों को ‘प्रथम गांव’ की अवधारणा के तहत विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इन क्षेत्रों में सड़क, कनेक्टिविटी, पर्यटन और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

एआई और तकनीक को भविष्य की अर्थव्यवस्था का आधार बताया

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है। राज्य में नवाचार नीति लागू की गई है और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में वही राज्य आगे रहेंगे जो एआई, विज्ञान और तकनीकी नवाचार को तेजी से अपनाएंगे।

जनवरी 2027 के कुंभ का दिया न्योता

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल विकास परियोजनाओं में ही नहीं, बल्कि बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की तैयारियों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जनवरी 2027 में हरिद्वार में होने वाले कुंभ के लिए सरकार की तैयारियों की जानकारी दी और देशवासियों से कुंभ में शामिल होने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की विकास यात्रा का लक्ष्य सिर्फ आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि ऐसा समावेशी और सतत विकास मॉडल तैयार करना है, जिसमें युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, सीमांत क्षेत्रों के लिए नए अवसर और आम नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित हो सकें।

आगे पढ़ें (Read Next)

crime

Son’s Stick Assault Ends in Father’s Fatality in Haridwar

A 60‑year‑old resident died while receiving medical care after his 27‑year‑old son allegedly struck him with a stick during a minor household argument in the Chandi Ghat locality.

admin 12 सितंबर 2026
Delhi

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली में SFJ समर्थकों के नारे लिखने के केस में तीन लोगों को हिरासत में

पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी विदेश में स्थित हैंडलर से जुड़ा था और आर्थिक मदद ले रहा था; फंडिंग की जाँच भी चल रही है

admin 12 सितंबर 2026