नीट परीक्षा से ठीक पहले 22 वर्षीय छात्र ने किया सुसाइड, सोशल मीडिया पर साझा किया आखिरी वीडियो
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद अंतर्गत प्रताप विहार क्षेत्र से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय एक छात्र ने अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान प्रताप विहार के ए-ब्लॉक निवासी जतिन कुमार के रूप में हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस आत्मघाती कदम को उठाने से ठीक पहले छात्र ने अपने मोबाइल से एक मिनट चार सेकंड का वीडियो भी रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने अपनी मानसिक स्थिति का जिक्र किया था।
सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) उपासना पांडेय ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 8:15 बजे पुलिस को कंट्रोल रूम (डायल-112) के माध्यम से सूचना मिली कि सेक्टर-9, प्रताप विहार में एक युवक ने सुसाइड कर लिया है। सूचना मिलते ही विजयनगर थाना पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस को जतिन का शव कमरे के फर्श पर पड़ा हुआ मिला और पंखे पर बंधा हुआ फंदा टूटा हुआ था, जिससे आशंका है कि वजन न सह पाने के कारण फंदा टूट गया।
परिजनों के मुताबिक, जतिन पिछले काफी समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी में जुटा हुआ था और आगामी 21 जून को उसकी परीक्षा होनी थी। बृहस्पतिवार रात करीब 12 बजे तक परिजनों ने उसे कमरे में टहलते और पढ़ाई करते देखा था, जिसके बाद सभी सोने चले गए। सुबह जब उसे जगाने के लिए कमरे का दरवाजा खटखटाया गया, तो वह मृत अवस्था में पाया गया।
पुलिस को जांच के दौरान जतिन के मोबाइल से रात करीब 12 बजे रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो मिला है। वीडियो में जतिन ने अपने स्टडी रूम को दिखाते हुए कहा, “हाय, मेरा नाम जतिन है। मैं आज कुछ अलग करने की सोच रहा हूं। मेरे ऊपर किसी भी चीज का कोई दबाव नहीं है। मैं परेशान नहीं हूं, बिल्कुल चिल हूं। हां, थोड़ा डिप्रेस्ड (अवसादग्रस्त) हूं। मुझे नीट परीक्षा की भी कोई टेंशन नहीं है। पापा ने कह दिया है कि टेंशन मत लो, नीट निकलता है तो ठीक है… मैं फिर भी इसका प्रयास करना चाहता हूं। अगर सफल होता हूं तो आप लोग यह वीडियो देखेंगे।”
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के पिता एक सरकारी विभाग में कार्यरत हैं और उसकी एक छोटी बहन है। पुलिस छात्र के दोस्तों और सोशल मीडिया प्रोफाइल की भी जांच कर रही है ताकि अवसाद के अन्य कारणों का पता लगाया जा सके। इस घटना के बाद से ही इलाके के छात्रों और अभिभावकों में शोक की लहर है।

