कानपुर में फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर का भंडाफोड़, AI फोटो दिखाकर करते थे लाखों की ठगी

कानपुर में फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर का भंडाफोड़, AI फोटो दिखाकर करते थे लाखों की ठगी
Spread the love

कल्याणपुर (कानपुर): उत्तर प्रदेश के कानपुर में क्राइम ब्रांच और कल्याणपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शादी कराने के नाम पर मासूम लोगों को ठगने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर (Fake Matrimonial Call Center) का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से ‘ऑनलाइन मैच प्वाइंट’ नाम से चल रहे इस सेंटर से दो युवतियों समेत तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह सोशल मीडिया से डेटा चुराकर एआई (AI Generated) यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनी फर्जी तस्वीरें भेजकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था।

 डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि नेपाली मंदिर के पास चल रहे इस कॉल सेंटर से पुलिस ने 7 एंड्रॉइड फोन, 16 कीपैड मोबाइल, 9 डेस्कटॉप, 104 इस्तेमाल किए जा चुके सिम कार्ड और 2 नए सिम बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अनुराधा द्विवेदी (आवास विकास-3), विक्रम खूंटे (छत्तीसगढ़/बर्रा-3) और प्रियंका (बिल्हौर/शिवली रोड) के रूप में हुई है। ये तीनों सोशल मीडिया के जरिए मिले थे और करीब एक साल से इस संगठित साइबर अपराध को अंजाम दे रहे थे। ठगी की पूरी रकम मुख्य आरोपी अनुराधा के बैंक खातों में मंगवाई जाती थी, जिन्हें पुलिस अब फ्रीज कराने की कार्रवाई कर रही है।

 पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह विशेष रूप से 40 वर्ष से अधिक उम्र के अविवाहित या विधुर पुरुषों को निशाना बनाता था। गिरोह में लड़कियों को ₹6,000 प्रति माह के वेतन पर टेलीकॉलर रखा जाता था, जो अलग-अलग नकली नामों से बात कर पीड़ितों को जाल में फंसाती थीं। पहले कीपैड फोन से बात कराकर विश्वास जीता जाता था, फिर रजिस्ट्रेशन, प्रोफाइल एक्टिवेशन, टॉकिंग और मीटिंग फिक्स करने के नाम पर ₹4,000 से ₹10,000 के बीच की रकम क्यूआर (QR) कोड भेजकर ऐंठ ली जाती थी। पैसे मिलने के बाद आरोपी नंबर ब्लॉक कर देते थे। कम रकम होने और लोक-लाज के डर से अमूमन पीड़ित पुलिस में शिकायत नहीं करते थे।

 इस गिरोह के तार एक बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं। जून महीने में भी पुलिस ने ऐसे ही तीन कॉल सेंटरों पर छापा मारकर छत्तीसगढ़ के सरगना रंजीत कुमार गौड़ को गिरफ्तार किया था। इस गिरोह में कानपुर की जागृति, बिलासपुर के साइबर अधिवक्ता अमित और करन पटेल भी शामिल हैं। मुख्य आरोपी जागृति का उन्नाव में भी कॉल सेंटर है और उसकी वर्तमान लोकेशन गोवा में मिली है, जबकि वकील अमित की लोकेशन आगरा में ट्रैक हुई है। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं।

Anita Amoli

Related articles