गुरुवार, 20 अगस्त 2026
मुख्य पृष्ठ
Health 06:56 am3 मिनट पठन समय

फलों का स्वाद नमकीन क्यों नहीं होता? जानिए खट्टे-मीठे फलों पर नमक डालकर खाना सही या गलत

फल हर कोई खाता है. किसी को खट्टे-मीठे यूं ही खाना पसंद होता है तो

Anita Amoli

Anita Amoli (Writer)

24 दिसंबर 2024

18.4K बार पढ़ा गया

फल हर कोई खाता है. किसी को खट्टे-मीठे यूं ही खाना पसंद होता है तो कोई उनके ऊपर स्वाद बढ़ाने के लिए नमक या मसाला डालकर खाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि फलो का स्वाद मीठा या खट्टा तो होता है लेकिन कभी नमकीन क्यों नहीं होता? या आप जो फलों पर नमक या मसाला डालकर खाते हैं तो इससे आपकी सेहत को कोई नुकसान तो नहीं होता, अगर नहीं तो ये खबर आपके लिए है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

फल नमकीन क्यों नहीं होते?
आमतौर पर कोई भी फल नमकीन नहीं होता है. इसमें नमक की मात्रा पैदा करने वाले नेचुरल सिस्टम की कमी होती है। पौधे शुगर और एसिड को नेचर के जरिए अपने सिस्टम से प्रोसेस कर सकते हैं लेकिन नमक यानि सोडियम क्लोराइड नहीं. आमतौर पर मिट्टी से पौधों में कुछ नमक जरूर आता है लेकिन बहुत सीमित मात्रा में. अगर ये ज्यादा हो जाए तो पौधे की ग्रोथ और बीज से पौधा बनने की प्रक्रिया पर असर डाल सकते हैं।

दुनिया का एकमात्र नमकीन फल
अपवाद के तौर पर कुछ फलों में नमक की थोड़ी मात्रा हो सकती है, लेकिन इसके बाद भी उनमें नमकीन स्वाद नहीं होता. कई फल ऐसे होते हैं जिसमें बहुत कम मात्रा में सोडियम होता है. हालांकि दुनिया का एक फल ऐसा है जो नमकीन होता है, इसे पिगफेस फ्रूट कहते हैं. ये दुर्लभ माना जाता है। ये आस्ट्रेलिया में पाया जाता है।

फल कम या ज्यादा मीठा क्यों होता है?
आपने महसूस किया होगा कि कुछ फल ज्यादा मीठे या खट्टे होते हैं जबकि कुछ कम. ऐसा फलों में मौजूद फ्रक्टोज़, सेल्यूलोज, विटामिन, स्टार्च, एसिड और प्रोटीन के कारण उनमें मिठास और खट्टेपन की मात्रा अलग अलग होती है। जिन फलों में शर्करा ज्यादा होती है, उनका स्वाद मीठा होता है, जिनमें अम्लों की मात्रा ज़्यादा होती है, उनका स्वाद खट्टा होता है. तो कुल मिलाकर  पौधों में मुख्य रूप से प्राकृतिक शर्करा (जैसे फ्रक्टोज़) और अम्ल (जैसे साइट्रिक एसिड) मौजूद होते हैं. ये उसके स्वाद को निर्धारित करते हैं।

फलों में नमक डालकर खाना चाहिए या नहीं?
विज्ञान के अनुसार नमक के साथ फल खाने से स्वास्थ्य पर पॉजिटिव और निगेटिव दोनों तरह के कई प्रभाव पड़ सकते हैं. नमक डालने से कुछ फलों के स्वाद चटपटे हो जाते हैं, जिससे उन्हें खाने में ज्यादा स्वाद आता है। ये खट्टे या कच्चे फलों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है. साइंस कहती है कि नियमित रूप से नमक के साथ फल खाने से अत्यधिक सोडियम का सेवन हो सकता है। उससे हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और स्ट्रोक का रिस्क हो सकता है. फिर फलों पर नमक छिडक़ने से उनमें पानी निकल सकता है, जिससे कुछ पोषक तत्व खराब हो सकते हैं. यानि किसी फल से जितना लाभ मिल सकता है, वो नहीं मिलेगा।

(आर एन एस )

“छात्रों की स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनियमितताओं पर कठोरतम प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।”

आगे पढ़ें (Read Next)

उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद प्रेस दौरे पर भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र का किया दौराUttarakhand

उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद प्रेस दौरे पर भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र का किया दौरा

इस दौरे का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों को तेलंगाना में केंद्र सरकार की प्रमुख विकास गतिविधियों

1 सित॰ 2026
पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल के लिए 5 दिवसीय हैदराबाद प्रेस टूरUttarakhand

पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल के लिए 5 दिवसीय हैदराबाद प्रेस टूर

उत्तराखंड के 13 पत्रकारों का समूह हैदराबाद में क्रियान्वित भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं का

31 अग॰ 2026