गुरुवार, 20 अगस्त 2026
मुख्य पृष्ठ
National 01:37 pm3 मिनट पठन समय

असम के चुनावी दौरे से पीएम मोदी ने कुछ इस तरह किए रामलला के 'सूर्य तिलक' के दर्शन

नई दिल्ली। अयोध्या में रामनवमी के अवसर पर ढेरों तैयारियां की गई हैं। अयोध्या में

Anita Amoli

Anita Amoli (Writer)

17 अप्रैल 2024

18.4K बार पढ़ा गया

नई दिल्ली। अयोध्या में रामनवमी के अवसर पर ढेरों तैयारियां की गई हैं। अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला की ये पहली रामनवमी है। इस मौके पर रामलला की विशेष पूजा अर्चना की गई। इसके बाद रामलला के दिव्य सूर्य तिलक का अद्भुत नजारा भी देखने को मिला। असम के चुनावी दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) भी इस दुर्लभ क्षण के साक्षी बने। पीएम मोदी ने सूर्य तिलक का अद्भुत नजारा हेलिकॉप्टर में देखा और खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी भी दी। दरअसल, जब राम मंदिर में रामलला का ‘सूर्य तिलक’ समारोह हो रहा था उस समय प्रधानमंत्री मोदी असम के नलबाड़ी में एक चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे। जनसभा के तुरंत बाद उन्होंने हेलिकॉप्टर में बैठकर अपने टैब में उस अद्भुत पल में रामलला का दर्शन किया। खास बात यह रही कि जिस समय PM रामलला के सूर्य तिलक का अद्भुत क्षण देख रहे थे, उस समय उनके पैर में जूते नहीं थे।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा, ‘नलबाड़ी की सभा के बाद मुझे अयोध्या में रामलला के सूर्य तिलक के अद्भुत और अप्रतिम क्षण को देखने का सौभाग्य मिला। श्रीराम जन्मभूमि का ये बहुप्रतीक्षित क्षण हर किसी के लिए परमानंद का क्षण है। ये सूर्य तिलक, विकसित भारत के हर संकल्प को अपनी दिव्य ऊर्जा से इसी तरह प्रकाशित करेगा।

अत्याधुनिक वैज्ञानिक तकनीक का इस्तेमाल करके 5.8 सेंटीमीटर प्रकाश की किरण से रामलला के मस्तक को रोशन किया गया। इसके लिए एक विशेष उपकरण डिजाइन किया गया था. रामनवमी पर इस शुभ आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए 10 वैज्ञानिकों की एक टीम राम मंदिर में तैनात थी।दोपहर 12 बजे से लगभग 3 से 3.5 मिनट तक, दर्पण और लेंस के संयोजन का उपयोग करके सूर्य की रोशनी को रामलला के माथे पर सटीक रूप से निर्देशित किया गया।

वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR)-सीबीआरआई रुड़की के वैज्ञानिक डॉ. एस के पाणिग्रही ने बताया कि ‘सूर्य तिलक परियोजना के तहत हर साल चैत्र माह में श्री रामनवमी पर दोपहर 12 बजे से भगवान राम के मस्तक पर सूर्य की रोशनी से तिलक किया जाएगा और हर साल इस दिन आकाश पर सूर्य की स्थिति बदलती है।’ उन्होंने बताया कि रामलला के मस्तक के केंद्र पर तिलक लगाने की सही अवधि लगभग तीन से साढ़े तीन मिनट है, जिसमें दो मिनट पूर्ण रोशनी होती है।

“छात्रों की स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनियमितताओं पर कठोरतम प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।”

आगे पढ़ें (Read Next)

उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद प्रेस दौरे पर भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र का किया दौराUttarakhand

उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद प्रेस दौरे पर भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र का किया दौरा

इस दौरे का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों को तेलंगाना में केंद्र सरकार की प्रमुख विकास गतिविधियों

1 सित॰ 2026
पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल के लिए 5 दिवसीय हैदराबाद प्रेस टूरUttarakhand

पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल के लिए 5 दिवसीय हैदराबाद प्रेस टूर

उत्तराखंड के 13 पत्रकारों का समूह हैदराबाद में क्रियान्वित भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं का

31 अग॰ 2026