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पुलिसकर्मी ई-रिट पोर्टल से उच्च न्यायालय में दाखिल कर सकते हैं प्रतिवेदन

सभी जिलों में ई-रिट पोर्टल के माध्यम से प्रतिवेदन पत्र दाखिल करने की सुविधा देहरादून।

Anita Amoli

Anita Amoli (Writer)

7 नवंबर 2024

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सभी जिलों में ई-रिट पोर्टल के माध्यम से प्रतिवेदन पत्र दाखिल करने की सुविधा

देहरादून। नैनीताल उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार, राज्य में पुलिस विभाग द्वारा ऑनलाइन ई-रिट पोर्टल के माध्यम से प्रतिवेदन पत्र दाखिल करने की सुविधा प्रदान की है। इसका उद्देश्य पुलिस कर्मियों के कार्य में सहूलियत प्रदान करना और न्यायिक प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता एवं गति लाना है।

प्रथम चरण में यह सुविधा देहरादून जनपद में और द्वितीय चरण में हरिद्वार जनपद में लागू की गई थी। वर्तमान में यह सुविधा राज्य के सभी जनपदों के लिए उपलब्ध है, जिसके माध्यम से पुलिसकर्मी ई-रिट पोर्टल का उपयोग करते हुए उच्च न्यायालय में प्रतिवेदन पत्र दायर कर सकते हैं।

उपलब्धियाँ एवं आँकड़े

माह जुलाई 2023 से सितंबर 2024 तक, पुलिस विभाग द्वारा ई-रिट पोर्टल के माध्यम से लगभग 1257 प्रतिशपथ पत्र उच्च न्यायालय में दायर किए गए हैं।

इस प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 21,36,900 रुपये की राशि दैनिक/यात्रा भत्तों के रूप मे बचत की गयी है, जो कि पुलिस विभाग द्वारा पोर्टल के उपयोग में हो रही बढ़ोतरी को दर्शाता है।

सामान्यतः एक विवेचक को मा0 उच्च न्यायलय में प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने मे 03 दिवस का समय लगता था, नई प्रणाली से पुलिसकर्मियों को अपने केस संबंधी दस्तावेज सीधे ऑनलाइन जमा करने की सुविधा मिली है, जिससे वे अपनी ड्यूटी के दौरान समय की बचत कर रहे हैं और कार्य को सुगमता से पूरा कर रहे हैं। एक विवेचक औसतन रू 3000 प्रतिदिन वेतन प्राप्त करता है इस प्रकार 1257 प्रतिशपथ पत्र आनलाइन दाखिल करने से लगभग रू 1,13,13,000 का अपव्यय भी रोका गया ।

ई-रिट पोर्टल की विशेषताएँ:

1. ऑनलाइन प्रक्रिया – पुलिस कर्मियों को अब प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने के लिए कोर्ट आने की आवश्यकता नहीं है। वे थाने से ही ई-रिट पोर्टल के माध्यम से दस्तावेज दायर कर सकते हैं, जिससे उनकी ड्यूटी में व्यवधान कम होता है।

2. समय एवं संसाधनों की बचत – ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से पुलिसकर्मी अब लंबी यात्राओं और कागजी दस्तावेज़ों की आवश्यकता से मुक्त हो गए हैं, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो रही है।

3. पारदर्शिता और दक्षता – ई-रिट पोर्टल से पुलिस विभाग में केस की स्थिति की नियमित जानकारी उपलब्ध होती है, जिससे कार्य में पारदर्शिता एवं दक्षता बनी रहती है।

पुलिस अधिकारियों के लिए निर्देश:

सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे ई-रिट पोर्टल की प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और सुगम बनाए रखने में अपनी पूरी भूमिका निभाएँ। सभी थानों में कर्मियों को इस प्रणाली का प्रयोग करने हेतु आवश्यक जानकारी एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक कुशल बनाएं।

उत्तराखंड पुलिस विभाग का उद्देश्य ई-रिट पोर्टल के माध्यम से सभी पुलिस कर्मियों को सुविधा प्रदान करना है ताकि वे अपने कार्य को सरलता, पारदर्शिता और तेजी के साथ कर सकें। इस डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से पुलिस विभाग का न्यायालय के साथ समन्वय और बेहतर हुआ है, जिससे विभागीय कार्यों में सहजता और गति प्राप्त हो रही है।

“छात्रों की स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनियमितताओं पर कठोरतम प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।”

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