गुरुवार, 20 अगस्त 2026
मुख्य पृष्ठ
Uttarakhand 07:15 am3 मिनट पठन समय

मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की पहचान बना हिन्दुस्तान शिपयार्ड

फ्लीट सपोर्ट शिप के निर्माण स्थल, सबमरीन रिफिट सुविधाओ युक्त है यह यार्ड पीआईबी के

Anita Amoli

Anita Amoli (Writer)

15 फ़रवरी 2026

18.4K बार पढ़ा गया
मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की पहचान बना हिन्दुस्तान शिपयार्ड

फोटो: ग्राउंड रिपोर्ट - विशेष संवाददाता (दैनिक एक्सप्रेस)

फ्लीट सपोर्ट शिप के निर्माण स्थल, सबमरीन रिफिट सुविधाओ युक्त है यह यार्ड

पीआईबी के सौजन्य से पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने विशाखापट्टनम एचएसएल का किया दौरा

विशाखापट्टनम। भारत की प्रमुख शिप बिल्डिंग संस्था हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल), विशाखापट्टनम भारतीय नौसेना और व्यापारिक जहाजों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस शिपयार्ड में न केवल भारतीय नौसेना के जहाजों की मरम्मत होती है बल्कि सबमेरीन की मरम्मत और जहाजों का निर्माण भी हो रहा है। एचएसएल में अब तक भारतीय नौसेना के 6 जहाजों समेत 203 जहाजों का निर्माण हो रहा है। कंपनी के पीआरओ इनायतुल्ला बेग के मुताबिक यह शिपयार्ड 80 प्रतिशत स्वदेशी उपकरणों से पेात निर्माण कर रहा है।

पीआईबी देहरादून के सौजन्य से 13 सदस्यीय पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने विशाखापट्नम स्थित एचएसएल का दौरा किया। 9 से 13 फरवरी तक पांच दिवसीय यह टूर कंडक्ट पीआईबी के सहायक निदेशक संजीव सुंद्रियाल के नेतृत्व में किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने एचएसएल की जट्टी, ड्राई डॉक, पोत निर्माण स्थल और शेड में चल रहे जहाजों के निर्माण और मरम्मत कार्यों के बारे में जानकारी हासिल कीं।

एचएसएल के पीआरओ बेग ने पत्रकारों शिपयार्ड के विभिन्न विभागों, ड्राई डॉक, स्लिपवे, निर्माणाधीन जहाजों और मरम्मत सुविधाओं का विस्तृत भ्रमण कराया। यह दौरा देश की समुद्री क्षमता, स्वदेशी जहाज निर्माण और रक्षा क्षेत्र में एचएसएल की बढ़ती भूमिका को समझने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

दौरे के दौरान पत्रकारों को बताया गया कि एचएसएल, जो 1941 में स्थापित भारत का सबसे पुराना शिपयार्ड है, वर्तमान में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्यरत है। इनमें भारतीय नौसेना के लिए फ्लीट सपोर्ट शिप्स का निर्माण, पोर्ट टग्स का निर्माण (जैसे विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी के लिए 60-टन बॉयलर पुल टग्स,) और विभिन्न युद्धपोतों की मरम्मत एवं रिफिट कार्य शामिल हैं। हाल ही में प्राप्त मिनी रत्न (कैटेगरी-1) दर्जा प्राप्त करने के बाद कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दिखाया है और 2026 तक मिनी रत्न का लक्ष्य पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

एचएसएल के अधिकारियों ने बताया कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के तहत हमारा शिपयार्ड किस तरह देश की समुद्री सुरक्षा और वाणिज्यिक जहाज निर्माण में योगदान दे रहा है। हम ग्रीन प्रोपल्शन, आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा पर फोकस कर रहे हैं। शिपयार्ड स्वदेशी रूप से बने कई युद्धपोतों और सपोर्ट वेसल्स को तैयार करके इन आयोजनों में योगदान दे रहा है।

पीआईबी के एडी संजीव सुंद्रियाल ने कहा कि पत्रकारों को एचएसएल का भ्रमण कराने का उद्देश्य उन्हें देश की समुद्री शक्ति और औद्योगिक क्षमता के बारे में जानकारी प्रदान करना है। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब विशाखापट्टनम फरवरी 2026 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीन बड़े समुद्री आयोजनों का केंद्र बनने जा रहा है, जिसमें एचएसएल की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता दुनिया के सामने आएगी

“छात्रों की स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनियमितताओं पर कठोरतम प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।”

आगे पढ़ें (Read Next)

उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद प्रेस दौरे पर भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र का किया दौराUttarakhand

उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद प्रेस दौरे पर भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र का किया दौरा

इस दौरे का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों को तेलंगाना में केंद्र सरकार की प्रमुख विकास गतिविधियों

1 सित॰ 2026
पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल के लिए 5 दिवसीय हैदराबाद प्रेस टूरUttarakhand

पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल के लिए 5 दिवसीय हैदराबाद प्रेस टूर

उत्तराखंड के 13 पत्रकारों का समूह हैदराबाद में क्रियान्वित भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं का

31 अग॰ 2026