दिल्ली में सोने की कीमत ने नई ऊँचाई छू ली

शुक्रवार को 24‑कैरेट सोने की कीमत 10 ग्राम पर ₹1,54,400 तक बढ़ी, जो पिछले दिन के ₹1,52,500 से ₹1,900 अधिक थी। दो दिन की इस तेज़ी ने कुल मिलाकर लगभग ₹4,600 का इजाफ़ा किया, जिससे आभूषण खरीदारों के बजट पर दबाव बढ़ा।

चांदी ने भी तेज़ी से पीछा किया

सिल्वर ने सोने की लहर पर सवार होते हुए ₹4,500 की उछाल के साथ कीमत ₹2,28,500 प्रति किग्रा तक पहुंचा। पिछले दिन यह ₹3,000 गिरा था, इस वजह से शुक्रवार की उछाल बाजार की अस्थिरता को उजागर करती है।

वृद्धि के पीछे के प्रमुख कारण

डॉलर की कमजोरी

डॉलर के मूल्य में गिरावट से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना सस्ता हो जाता है। चूंकि सोने का मूल्य डॉलर में तय होता है, एक कमजोर डॉलर आम तौर पर निवेशकों की मांग बढ़ाता है और कीमतों को ऊपर धकेलता है।

रुपये का अवमूल्यन

रुपये की डॉलर के सामने गिरावट आयातित सोने की लागत बढ़ा देती है, जिससे घरेलू कीमतों में भी इजाफा होता है, भले ही अंतरराष्ट्रीय बाज़ार स्थिर रहे।

तेल की कीमतों में बदलाव

कच्चे तेल की कीमतों में उतार‑चढ़ाव महंगाई की अपेक्षाओं और जोखिम भावना को प्रभावित करता है। तेल और सोना सीधे साथ नहीं चलते, लेकिन तेल की कीमत बढ़ने से महंगाई के डर बढ़ते हैं, जिससे निवेशक सोने को हेज के रूप में देखते हैं।

वैश्विक बाजारों में भी समान रुझान

अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क्स ने भी ऊपर की दिशा में कदम बढ़ाया। स्पॉट सोना 1.17% बढ़ा, जिससे कीमत $4,181.98 प्रति औंस तक पहुंची। चांदी ने तीन‑महीने की निचली सीमा से उछाल दिखाते हुए 2% की बढ़ोतरी के साथ $60.32 प्रति औंस तक पहुंची। ये वैश्विक बदलाव अक्सर भारतीय दरों को प्रभावित करते हैं, परन्तु स्थानीय मुद्रा और आयात लागत के कारण कभी‑कभी अंतर भी दिखता है।

विशेषज्ञों का दृष्टिकोण

विश्लेषकों का मानना है कि डॉलर की दिशा और व्यापक मैक्रो‑इकोनॉमिक कारक निकट‑भविष्य में कीमतों को तय करेंगे। गौरव गर्ग, लेमॉन के रिसर्च हेड, कहते हैं कि डॉलर में कमी ने कीमती धातुओं को समर्थन दिया है, जबकि प्रवीण सिंह (मीरे एसेट शेयरखान) का अनुमान है कि सोना मध्यम रूप से बुलिश रहेगा, लेकिन तेल की कीमतों में अचानक उछाल या वैश्विक वृद्धि में तेज़ गिरावट इस रुझान को उलट सकती है।

खरीदारों के लिए मुख्य सुझाव

  • वर्तमान दरें जांचें: शहर‑दर शहर कीमतें बदल सकती हैं; showroom में जाने से पहले नवीनतम दरों की पुष्टि करें।
  • शुद्धता पर ध्यान दें: सोने पर उचित हॉलमार्क और चांदी की घोषित फाइननेस सुनिश्चित करें।
  • मेकिंग चार्ज और करों को जोड़ें: ये अतिरिक्त खर्च बिल को काफी प्रभावित कर सकते हैं।
  • अत्यधिक जल्दबाज़ी से बचें: बाजार में सुधार संभव है; दीर्घकालिक मूल्य को देखते हुए ही निर्णय लें।

सारांश

शुक्रवार की तेज़ी ने दिल्ली में सोने की कीमत ₹1,54,400 प्रति 10 g और चांदी की कीमत ₹2,28,500 प्रति किग्रा तक पहुंचा दी। मुख्य कारण हैं डॉलर की कमजोरी, रुपये का अवमूल्यन, और वैश्विक बाजारों की गति। संभावित खरीदारों को स्थानीय दरों, शुद्धता मानकों और अतिरिक्त चार्जों की जानकारी रखनी चाहिए, ताकि बढ़ती कीमतों में समझदारी से निवेश किया जा सके।

नोट: ऊपर दी गई आंकड़े शुक्रवार के बाजार_snapshot पर आधारित हैं, वास्तविक दरें बदल सकती हैं। खरीदारी से पहले विश्वसनीय बुलियन डीलर से ताज़ा कीमतें पुष्टि करें।