नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक उतारकर इतिहास रचा। उत्साह से लबरेज राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी आज आदित्य-एल1 मिशन को लॉन्च करेगी। इस मिशन का उद्देश्य सूर्य का अध्ययन करना है। चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता के बाद अब दुनिया की नजर आदित्य-एल1 मिशन पर होगी। आदित्य एल1 सूर्य का अध्ययन करने वाला मिशन है। इसके साथ ही इसरो ने इसे पहला अंतरिक्ष आधारित वेधशाला श्रेणी का भारतीय सौर मिशन कहा है। अंतरिक्ष यान को सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के लैग्रेंजियन बिंदु 1 (एल1) के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा में स्थापित करने की योजना है जो पृथ्वी से लगभग 15 लाख किमी दूर है। दरअसल, लैग्रेंजियन बिंदु वे हैं जहां दो वस्तुओं के बीच कार्य करने वाले सभी गुरुत्वाकर्षण बल एक-दूसरे को निष्प्रभावी कर देते हैं। इस वजह से एल1 बिंदु का उपयोग अंतरिक्ष यान के उड़ने के लिए किया जा सकता है।
National 07:08 am• 3 मिनट पठन समय
चंद्रयान-3 की सफलता के बाद आज लॉन्च होगा आदित्य-एल1
नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक

Anita Amoli (Writer)
2 सितंबर 2023
18.4K बार पढ़ा गया
“छात्रों की स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनियमितताओं पर कठोरतम प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।”
आगे पढ़ें (Read Next)
Uttarakhandउत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद प्रेस दौरे पर भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र का किया दौरा
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों को तेलंगाना में केंद्र सरकार की प्रमुख विकास गतिविधियों
1 सित॰ 2026
Uttarakhandपीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल के लिए 5 दिवसीय हैदराबाद प्रेस टूर
उत्तराखंड के 13 पत्रकारों का समूह हैदराबाद में क्रियान्वित भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं का
31 अग॰ 2026